कोरोनावायरस को हराता सफदरजंग अस्पताल

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जैसा की आप सभी को पता है कोरोनावायरस ने दुनिया मैं आहाकार मचा कर रखा हुआ है। बहुत सारे देशों ने पूरे देश में आपातकालीन घोषित कर दिया है। वहीं भारत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ने कोरोनावायरस के साथ दो-दो हाथ करके कोरोनावायरस को मात दी है। पिछले माह सफदरजंग अस्पताल में 16 संक्रमित मरीजों में से 7 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे है। भारत देश में सबसे बड़े कोरोनावायरस नोडल केन्द्र के अध्यक्ष डॉक्टर बलविन्द्र सिंह ने बेहद खुशी के साथ बताया की सफदरजंग अस्पताल ने इस कठिन दौर में साबित कर दिया की हम किसी भी मुसीबत से निपटने के लिए तैयार है। आपको बता दें की लक्षण के आधार पर 16 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया था। जो मरीज बीमार थे उन्हें पैरासिटामोल दि गई और जिन्हें सांस लेने में दिक्कत थी उन्हें उससे जुड़ा डोज दिया गया। एंटिवायरल डोज देकर मरीजों का इलाज किया गया।
डॉक्टरों का जज्बा
डॉक्टरों ने मरीजो का होसला बढ़ाया और उनमें विल पावर स्ट्रॉंग की, डॉक्टर ने बताया की मरीजों की इच्छाशक्ति ने कोरोनावायरस को हराया। डॉक्टरों ने सुबह से शाम तक मरीजों की देखभाल की और यह सुनिश्चित किया की उन्हें पोस्टिक आहार मिल रहा है या नहीं और वहाँ मेडिकल केयर टीम ने माहौल खुशनुमा बनाए रखा।
हंसते हुए घर के लिए रवाना हुए मरीज।

कोरोनावायरस के नाम से जहाँ लोगों के बीच में सन्नाटा पसर जाता है वही कोरोनावायरस को हारते हुए 07 संक्रमित मरीज खुशी खुशी अपने घर के लिए विदा हुए। डॉक्टरों ने बताया की मरीजों के साथ मेडिकल केयर टीम का ऐसा लगाव हो गया था की घर जाने से पहले मरीजों ने उनसे बहुत देर तक बात की और हसतें हसतें घर के लिए रवाना हुए।
डॉक्टर्स और मेडिकल केर टीम भी सुरक्षित16 संक्रमित मरीजों का ख्याल रखने वाले डॉक्टर्स और मेडिकल केयर टीम मरीजों के साथ बैठकर बातें करते और मिलते जुलते थे और बाद में अपने घर भी जाते थे, जिसके बाद भी उनका परिवार और वो सुरक्षित हैं। उन्होने बताया की सतर्कता से कोरोनावायरस को फैलने से रोका जा सकता है।
केस नंबर तीन 9 दिनों में कोरोनावायरस से ठीक हुआ और खुशी खुशी घर लौटा।
केस नंबर 3 जोकि सफदरजंग अस्पताल में 6 मार्च को भर्ती हुआ, केस नंबर 3 उत्तम नगर का निवासी था महज 9 दिनों में मरीज ने कोरोनावायरस को मात दी और सुरक्षित घर पहुँचा।
अभी तक दिल्ली के दो और उत्तर प्रदेश के पाँच मरीजो को डिस्चार्ज किया जा चुका हैं। वही चार दिल्ली और पाँच उत्तर प्रदेश के मरीजों को डिस्चार्ज नही किया गया एवं चिकित्सक डाक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

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